ढाई घंटे चली बैठक के बाद नाबालिग से बलात्कार मामले पर मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला! 

हाल ही में उन्नाव और कठुआ में नाबालिगों से रेप और हत्या पर हर किसी ने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की| हमारी और आपकी तरह ही हर किसी को ये डर था कि कहीं हमेशा की तरह कमज़ोर क़ानून का हवाला देकर ये दुष्ट अपराधी थोड़े में ही न निकल जाएं| और यदि ऐसा होता, तो अब लोगों का भरोसा कानून से जरूर हट जाता|

लेकिन, अब देश में मोदी सरकार है| और किसी भी गंभीर मामले में मोदी जी बड़े और सख्त फैसले लेने से नहीं चूकते, चाहे बात फिर पकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक करके मुहतोड़ जवाब देने की हो, या फिर बच्चियों से रेप के मामले में कठोर दंड देने की|

और इसका एक बड़ा उदाहरन देते हुए आज मोदी के आवास पर पर एक बैठाक की गई, जिसमे आरोपियों की सजा पर फैसला लिया गया|

करीब ढाई घंटे चली बैठक में रेप के आरोपियों पर लिया गया ऐतिहासिक फैसला 

PM आवास में करीब ढाई घंटे की इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट में बदलाव किया जाएगा| इसमें फांसी के प्रावधान के लिए सरकार एक अध्यादेश लाने जा रही है|

अब ऐसे मामलों के लिए फ़ास्टट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जाएगी और कैबिनेट ने इसे बिना किसी देरी के इस अध्यादेश पर मुहर लगा दी है| और इसके साथ ही अब फॉरेंसिक जांच के तेहत सुबूतों को जुटाने और उनके परीक्षण की व्यवस्था को भी अब और सटीक किया जाएगा|

अब 10 महीनो में केस का निबटारा करना होगा जरूरी! 

इस नए क़ानून की खास बात यह होगी कि नाबालिग बच्चों से रेप के केस को अब फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में 10 महीनों के अन्दर निबटाना जरूरी होगा| हर मामले में 2 महीने में ट्रायल पूरा करके आगे की कार्रवाई करनी होगी| और किसी तरह की अपील के मामले में ६ महीने के समय में केस निबटाना होगा|

मतलब अब नाबालिग से रेप के मामले को ज्यादा से ज्यादा 10 महीने में फारिग करना होगा| वैसे तो पॉक्सो के अंतर्गत ऐसे मामलों में अधिकतम सजा फांसी है और कम से कम 7 कर्ष की सजा है| लेकिन इसमें समय कि पाबंदी नहीं थी और अब इसे और भी सख्त कर दिया गया है|

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By: Sharma on Saturday, April 21st, 2018