अभी अभी: दीपक मिश्रा पर महाभियोग को लेकर उपराष्ट्रपती वेंकैया नायडू का बड़ा फैसला! 

इतिहास में ये पहली बार है कि भारत की शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायधीश पर महाभियोग चलाने की कोशिश की गई है| बहुत से मायनों में यह देश के लिए शर्मनाक है और साथ ही साथ ऐसा करके विपक्ष ने देश की जनता को भी निराश किया है| यह मामला इतना बड़ा है कि कांग्रेस और बाकी दलों ने मिलकर जब यह तय किया, तो उपराष्ट्रपति ने तुरंत अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल और दूसरे क़ानून के जानकारों की एक बैठाक बुलाई|

और फिर उपराष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली इस बेंच ने विपक्ष के इस महाभियोग के प्रस्ताव को ख़ारिज कर डाला| और अपने आप में यह एक ऐतिहासिक फैसला रहा|

CJI पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं, किसी तरह का खराब बर्ताव उनके द्वारा नहीं किया गया: वेंकैया नायडू

देश के सबसे बड़े न्यायधीश पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने साफ़ शब्दों में विपक्ष की इस कोशिश को नकारा|

इस बारे में उन्होंने कहा –

‘मैंने प्रस्ताव में सीजेआई पर लगाए गए पांचों आरोपों और उसके संबंध में पेश किए गए दस्तावेजों को परखा. कोई भी तथ्य सीजेआई के खराब बर्ताव की पुष्टि नहीं करता है.’

दीपक मिश्रा पर लगाए गए आरोपों को लेकर जो चार्जशीट दायर की गई थी, उपराष्ट्रपति ने खुद उसका गहन परिकष्ण किया और इस काम में उनके साथ अटॉर्नी जनरल के वेणुगोपाल भी थे| और साथ ही साथ अन्य कई क़ानून के विद्वानों को साथ लेकर इस याचिका पर विचार किया गया| लेकिन क्योंकि विपक्ष द्वारा लगाए गए ये सभी आरोप निराधार पाए गए, तो महाभियोग को साफ़ शब्दों में नकार दिया गया|

और अब इस शिकस्त के बाद आगे की कार्रवाई के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं|

इस बारे में कांग्रेस ने अपना रुख पहले ही स्पष्ट करते हुए कहा था कि यदि उपराष्ट्रपति महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने से इनकार करते हैं, तो सर्वोच्च अदालत के समक्ष यह मामला लाया जाएगा|

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By: Sharma on Monday, April 23rd, 2018