भारतीय क्रिकेट इतिहास के 5 किस्से जो बड़े से बड़ा क्रिकेट फैन भी शायद ही जानता हो!

इंडिया में भगवान और क्रिकेट में शायद ही कोई फ़र्क हो| यहाँ सदियों पहले भी ऐसा ही था और हमारे वक्त में तो इस बारे में किसी को कत्तई भी कोई शक-शुबहा नहीं हो सकती| तो जितने बड़े क्रिकेट के तमाशाई हम भारतीय हैं, क्रिकेट के बारे में शायद ही कुछ ऐसा हो जो हमें न मालूम हो!

लेकिन, आज आप यहाँ कुछ ऐसा पढ़ेंगे की एक बार को तो भवें जरूर तन जाएंगी! एन्जॉय करिये –

सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के लिए भी खेल चुके हैं| हैं?

क्या कहेंगे ये जानने पर कि सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के लिए खेले हैं? सच है| उतना ही जितना ये पढ़ कर आप हैरान हैं| सचिन पाकिस्तान के लिए तब खेल लिए जब उन्होंने भारत के लिए खेलना भी शुरू नहीं किया था!

यह हुआ 1987 में जब Brabourne Stadium में दोनों पुराने प्रतिद्वंदियों के बीच एक अभ्यास मैच खेला गया था| और इस मैच में क्रिकेट के भगवान् ने स्वयं मैदान पर उतरकर पाकिस्तान के लिए एक सब्स्टीट्यूट फील्डर की भूमिका अदा की थी!

उस वक़्त की पाकिस्तानी टीम के कप्तान थे इमरान खान| हुआ ये कि जावेद मियांदाद और अब्दुल क़ादिर लंच के बाद मैदान छोड़कर चले गए और फिर सचिन से फील्ड पर आने को कहा गया| जैसे ही इमरान ने सचिन को लॉन्ग-ऑन पर खड़ा किया, कपिल देव ने उनकी तरफ हवा में एक शॉट लगाया| सचिन 15 मीटर दौड़ने के बाद भी गेंद तक नहीं पहुँच पाए थे!

और जब बिशन सिंह बेदी ने पूरा मैच खेलने से ही मना कर दिया!

इंडिया के ज्यादातर यादगार क्रिकेटिया किस्से पाकिस्तान टीम के साथ के ही हैं, और ये भी उनमे से ही एक है| कप्तान बिशन सिंह बेदी ने साहीवाल, पाकिस्तान में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे एक एक-दिवसीय मैच को बीच में ही रुकवा दिया था| हुआ ये था कि सीरीज का अंतिम और निर्णायक मैच खेला जा रहा था और दोनों ही टीमें जीतने को कुछ भी करने पर आतुर थीं|

इसी कोशिश में पाकिस्तान का तेज़ गेंदबाज़ सरफ़राज नवाज़ एक के बाद एक बाउंसर्स फेंक रहा था और बल्लेबाज़ गेंद तक नहीं पहुँच पा रहे थे| और क्योंकि सब कुछ घरेलू अंपायरों के हाथ में था, तो सारे निर्णय पाकिस्तान के ही पक्ष में जा रहे थे|

हालांकि इस समय भारत को जीत के लिए 14 गेंदों में केवल सिर्फ 23 रन चाहिए थे और हमारे सेट बल्लेबाज़ मैदान पर मौजूद थे, गुस्साए भारतीय कप्तान ने मैच को रद्द करवाने में ही भलाई समझी|

भारतीय टीम इकलौती है जिसे टेस्ट के एक ही दिन दो बार पूरा आउट किया गया है!

भारतीय टीम रिकार्ड्स बनाने और बिगाड़ने में माहिर है, बुरे भी अच्छे भी| ऐसा ही एक ग़ज़ब का रिकॉर्ड सन 1952 में भारत के खाते में आया| यह अपनी तरह का पहला रिकॉर्ड हमारे ख़िलाफ़ बनाया अंग्रेज़ों ने| वेन्यू था उनका ही Old Trafford क्रिकेट मैदान|

उस दिन इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस मैच में भारतीय टीम तेज़ गेंदबाज़ Fred Trueman के जाल में ऐसे फांसी,की पूरी की पूरी एक दिन में 2 बार आउट हो गयी|

खैर, हुआ बुरा लेकिन हमने यहाँ भी एक अनब्रेकेब्ल रिकॉर्ड बना डाला!

हमारे वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण ने एक भी वर्ल्ड कप मैच नहीं खेला है!

100 टेस्ट मैच खेले खिलाड़ी ने एक भी वर्ल्ड कप मैच न खेला हो, ये बात कुछ हज़म नहीं होती| लेकिन बात सौ आना सही है| लेकिन यह हुआ कैसे?

हुआ दरअसल ये कि वी वी लक्ष्मण ने 1999 के वर्ल्ड कप से पहले एक भी ODI नहीं खेला था और यही कारण था की उनकी सिलेक्शन उस वक़्त नहीं हुई| और हालांकि 2003 के वर्ल्डकप के लिए वो एक निश्चित खिलाड़ी थे, संजय बांगर को एक आल-राउंडर की हैसियत से ले लिए जाने के बाद सिर्फ एक ही बल्लेबाज़ की जगह बची रह गयी| और अब दावेदार हो गए लक्ष्मण और दिनेश मोंगिया| उस वक़्त मोंगिया को जगह दी गयी, शायद इसलिए की वे कुछ हद तक बॉलिंग भी कर लेते थे|

और दुर्भाग्यवश, Greg Chappell के कोच बनने के बाद 2006 के अंत में लक्ष्मण को ODI टीम से बाहर कर दिया गया| इस बाहर हताश होकर उन्होंने खुद ही ODI इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया और इस तरह ये शानदार खिलाडी कभी भी वर्ल्ड कप में नहीं खेल सका!

महेंद्र सिंह धोनी ने एशिया से बाहर कभी सैंकड़ा नहीं मारा!

एमएसडी और रिकार्ड्स हमेशा ही साथ-साथ चले हैं और यही वजह रही कैप्टेन कूल के इतनी जल्दी एक सफल क्रिकेटर बनने की| लेकिन आपका दिल नहीं मानेगा ये जानकार की धोनी ने भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर कभी कोई शतक नहीं लगाया है!

सौ से ज्यादा ODI और अच्छे खासे टेस्ट मैच खेल चुके धोनी ने अपने करियर के सभी वन-डे और टेस्ट शतक भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, और बांग्लादेश में ही लगाए हैं| दूसरे क्रिकेट खेलने वाले देशों के साथ एशिया से बाहर खेलते हुए धोनी ने सिर्फ अर्धशतक ही बनाये हैं!

अब पढ़ने के बाद बताईये आपने इन में से कितने किस्सों के बारे में इस से पहले पढ़ा है! न भी पढ़ा हो, तो भी हम और आप हैं तो एक बड़े क्रिकेट फैन!




By: Sharma on Monday, December 4th, 2017

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