नोटबंदी के 2 साल: मनमोहन सिंह ने ‘नोटबंदी’ को कहा मनहूस, जेटली ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली: जैसे कि हम सभी जानते ही हैं कि आज 8 नवंबर है. आज से ठीक दो साल पहले यानि 8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भृष्टाचार को ख़तम करने के लिए नोटबंदी का ऐलान करते हुए रातों रात 500 और 1000 के नोटों पर बैन लगा दिया था. जिसके बाद कईं लोगों से लाखों और करोड़ों की गिनती में काला धन बरामद किया गया. आज भले ही मोदी जी के इस फैसले को दो साल पूरे हो चुके हैं लेकिन विपक्षी पार्टियों ने आज भी नोटबंदी की इस वर्षगांठ को काला दिन घोषित किया है.

दरअसल, आने वाले साल के लोकसभा चुनाव को लेकर सभी मोदी जी को नीचा दिखाने की तमाम कोशिशें कर रहे हैं और उन्हें जनता की नजरों में गलत साबित करने के लिए आए दिन नए नए बयान दे रहे हैं. इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य विपक्षी नेताओं ने मोदी जे के नोटबंदी फैसले को गलत ठहराते हुए कड़ी निंदा की जिक्से जवाब में जेटली ने सबकी बोलती बंद कर दी. बता दें कि पूर्व पीएम ममोहन सिंह ने नोटबंदी को ‘बीमार सोच’ और ‘मनहूस’ जैसे शब्दों से निवाजा है. मनमोहन ने कहा कि नोटबंदी से पूरी भारतीय अर्थविवस्था पर कहर बरपा है जोकि आज भी हमारे सामने है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी मोदी जी का लिया एक ऐसा फैसला था जिसने हर धर्म, जाती और संप्रदाय को बुरी तरह से प्रभावित किया जिसके जख्म आज भी लोगों के दिले में गहरे हैं. मनमोहन जी के अनुसार नोटबंदी के कारण रुपए का स्तर गिरा है जिससे मैक्रो-इकोनॉमी भी काफी प्रभावित हुई है.

वहीँ मनमोहन सिंह समेत अन्य विपक्षी नेताओं की बोलती बंद करने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में एक ब्लॉग लिखा. जेटली ने कहा कि मोदी जी की नोटबंदी एक सफल फैसला रहा है. इस नोटबंदी से 2 सालों में काले धन की बड़ी मात्रा में कमी आई है. जेटली के अनुसार पिछले दो सालों में इनकम टैक्स रिटर्न्स में काफी बढ़ावा देखने को मिला है. ऐसे में यह फैसला सबसे उत्तम साबित हो रहा है.

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By: Kirti Kalra on Thursday, November 8th, 2018