क्या आपने कभी सोचा है आखिर क्योंं सजाया जाता है क्रिसमस ट्री?

कल क्रिसमस है ये है तो वैसे ईसाईयों का त्यौहार, लेकिन इसे पुरे देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन हर घर से लेकर दुकानों स्कूलों इत्यादि जगहों को क्रिसमस ट्री से सजाया जाता है. सबसे आकर्षक क्रिसमस ट्री होता है इसे गिफ्ट लाईट और मोमबत्तियों से सजाया जाता है. सभी लोग क्रिसमस पर ट्री को तो सजा लेते है लेकिन इसकी शुरुआत कब और इसे क्यों सजाया जाता है इस बात को शायद ही आप जानते होंगे. तो आज हम आपको इसी बारें में बताने जा रहे है.

कहा जाता है कि मशहूर संत बोनिफेस एक समय इंग्लैंड छोडकर जर्मनी गए थे जहाँ पर उन्होंने देखा कुछ लोग भगवान को खुश करने के लिए ओक के पेड़ के नीचे एक मासूम बच्चे की बलि दे रहे थे. ये देखकर संत बोनिफेस ने उस ओक के पेड़ को कटवाकर उसकी जगह फर का पौधा लगवा दिया.

इसके बाद फर का पौधा क्रिसमस ट्री के नाम से प्रसिद्ध हो गया. इसके बाद संत सेवकों ने उस पौधे को मोमबत्तियों से सजाया और अब हर जगह क्रिसमस ट्री को लाईटों व् गिफ्टों से सजाया जाता है.

इसके अलावा क्रिसमस ट्री को लेकर एक और कहानी ये भी है कि जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था तब स्वर्ग से देवदूत ईसा मसीह के माता- पिता को बधाई देने के लिए एक सदाबहार फर का सजाया हुआ पौधा लाए थे. इसके बाद इस पौधे को लोगों ने क्रिसमस ट्री मानकर सजाने की परम्परा शुरू कर दी. बहुत से लोग क्रिसमस ट्री को लाईटों के अलावा गिफ्ट रंगीन पेपर स्टार व् रिबन से भी सजाते है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रिसमस ट्री को खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा पुराने जमाने से इस ट्री को लेकर ऐसी भी मान्यता सुनने में आ रही है कि इस ट्री को सजाने से घर के बच्चों की उम्र लंबी होती है और उस घर से नकारात्मक शक्तियाँ भी बाहर चली जाती है. जिस घर में क्रिसमस ट्री सजाया जाता है उस घर में सदा खुशहाली का वास होता है.

By: Mukesh Saksham on Monday, December 24th, 2018