लॉ कॉलेज में हुई थी शुष्मा और स्वराज के प्यार की शुरुआत, लाख मुसीबतों के बाद कुछ ऐसे मिला किस्मत का साथ…

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आज भारत में किसी पहचान की मोहताज़ नहीं रही. देश के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह हमेशा से काबिल-ए-तारीफ़ रहा है. भले ही इस बार वह 2019 के लोकसभा चुनावों का हिस्सा नहीं बन रही लेकिन इसके बावजूद भी राजनीति में उनकी सत्ता सक्रिय रहेगी. हाल ही सुषमा ने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट करते हुए लिखा कि, “मैं राजनीति से रिटायरमेंट नहीं ले रही बस कुछ स्वास्थ्य कारणों के चलते इस बार मैंने चुनाव ना लड़ने का फैसला किया है”.वहीँ कुछ विपक्षी पार्टियाँ सुषमा के इस चुनाव से पीहे हटने के कदम को लेकर तरह तरह की बातें बना रहे हैं लेकिन उनके पति स्वराज कौशल का अपनी पत्नी को लेकर कुछ और ही मानना है.

पत्नी के फैसले पर है गर्व

ट्विटर पर अक्सर चर्चित रहने वाले स्वराज कौशल ने इस बार अपनी पत्नी सुषमा स्वराज को लेकर बेहद रोमांचक और दिलकश अंदाज़ में ट्वीट पेश की है. उन्होंने ट्वीट में पत्नी के चुनाव ना लड़ने के विचार से ख़ुशी जताते हुए उन्हें धन्यवाद लिखा. उन्होंने लिखा कि, ” मैडम आपके चुनाव ना लड़ने के फैसले के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, मुझे याद है कैसे एक समय के बाद मिल्खा सिंह ने भी भागना बंद कर दिया था.”

सुषमा और स्वराज की हुई थी लव मैरिज

भाजपा की तेज़ तरार नेता सुषमा स्वराज और पति कौशल स्वराज की शादी असल में लव मैरिज थी. दोनों के प्यार की शुरुआत उनके लॉ कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी. हालाँकि दोनों के विचारों में ज़मीन आसमान का अंतर था लेकिन किसी ने सच ही कहा है कि दो नेगेटिव पोल्स ही एक दुसरे को अच्छे से आकर्षित कर सकते हैं. ऐसा ही कुछ आकर्षण सुषमा और कौशल के बीच में भी था. इन दोनों का प्रेम पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के लॉ डिपार्टमेंट में एक समय में काफी चर्चित था.

इनका रिश्ता बना एक अनोखी मिसाल

जहाँ एक तरफ सुषमा हिंदी में राजधानी एक्सप्रेस थी, वहीँ दूसरी और कौशल अंग्रेजी के महारथी थे. इतने अंतरों के बाद भी दोनों की जुगलबंदी सभी प्रेमियों के लिए एक अनोखी मिसाल बनी. सुषमा और स्वराज की शादी 13 जुलाई 1975 में हुई. इन्हें शादी करने में अनेकों अडचनों का सामना करना पड़ा था क्यूंकि वह समय कुछ ऐसा समय था जब हरियाणा की किसी लड़की के लिए प्रेम विवाह के बारे में सोचना भी एक महापाप था. लेकिन सुषमा स्वराज ने अपने रिश्ते को लेकर साहस दिझाया और आखिरकार अपने पसंदीदा वर से शादी रचा ली. आज दोनों की शादी को कईं साल बीत चुके हैं और दोनों बेहद खुश भी हैं. सुषमा की बेटी बांसुरी भी अभी जवानी में कदम रख चुकी है.

ऐसा था दोनों का राजनितिक सफ़र

दिल्ली की पहली महिला सीएम बनने वाली सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा में हुआ था. अपने जन्म स्थान यानि हरियाणा विधानसभा की वह दो बार मेंबर रह चुकी हैं. वहीं 12 जुलाई 1952 में जन्मे कौशल स्वराज सुप्रीम कोर्ट के जाने माने क्रिमिनल वकीलों की लिस्ट में आते हैं. हालाँकि कौशल का राजनीति से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है लेकिन इसके बावजूद भी अक्सर वह अपनी पत्नी का सपोर्ट करते हुए देखे गए हैं.

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By: Kirti Kalra on Thursday, December 6th, 2018