तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल मंत्री ने की ये राहत की बात, दिया ये बड़ा बयान

आज के बदलते समय के साथ साथ महंगाई भी निरंतर बढती चली जा रही है. अब आम इंसान के खर्चे उसकी आमदनी से भी दुगुने हो गए हैं. ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें आम इंसान के लिए सबसे बड़ी परेशानी साबित होती नजर आ रही है. हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इज़ाफा किया गया था जिसके बाद विपक्ष पार्टियाँ ऐसे खुशियाँ मना रही थी जैसे कि पीएम मोदी का ही इस कीमत की बढ़ोतरी में हाथ हो. लेकिन भले कांग्रेस का राज चले या फिर भाजपा का, पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में हमेशा से ही बढ़ावा देखने को मिला है. ऐसे में मोदी सरकार आए दिन इस कीमतों पर काबू पाने की कोशिशों में जुटी हुई है. शायद इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में आने वाला उछाल है.

बीते दिनों केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया. इस बयान को जानने के बाद आप भी ख़ुशी से फुले नही समायेंगे . दरअसल, धर्मेन्द्र प्रधान के अनुसार अब पेट्रोल और डीजल के दामों को जीएसटी के दायरे में रखने को कहा है. उन्होंने बताया कि बढती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अब उनके पास केवल यही एक रास्ता बचा है जो आम आदमी को राहत पहुंचा सकता है.

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि जहाँ पेट्रोल का दाम 80 रुपए प्रति लीटर पहुँच चुका है, वहीँ दूसरी और डीजल की कीमत लगभग 72 रुपए प्रति लीटर है. ऐसे में यदि इन कीमतों पर समय रहते काबू ना किया गया तो यह दाम और दुगुने हो जाएंगे. मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ रही कीमतों में अचानक आई बढ़ोत्तरी की वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ रही कीमत ही है. लेकिन यदि पेट्रोल एवं डीजल GST के दायरे में आते हैं तो देश को 15 हज़ार करोड़ का घाटा हो सकता है लेकिन आम इंसान के लिए यह फैसला सबसे राहतकारी साबित होगा.

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By: Kirti Kalra on Saturday, September 8th, 2018