पनामा के राजदूत का ट्रम्प के खिलाफ विद्रोह, जाते जाते किया चौंकाने वाला खुलासा!

डोनाल्ड ट्रंप जब से अमेरिका के राष्रपति के रूप में सामने आय हैं उनके सामने एक के बाद एक मुश्किलें सामने आ जाती हैं। उनकी मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही। अब इतने बड़े पद पर हों तो  मुश्किलें आना भी लाजमी ही है।

मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के चलते विरोध का सामना कर रहे ट्रंप के खिलाफ उन्हीं के पक्ष में  काम करने वाले ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है।

 पनामा के राजदूत की ट्रम्प दो टूक – कहा मैं आपके लिए काम नहीं करना चाहता 

पनामा के राजदूत जॉन  ने साफ साफ शब्दों में कह डाला कि मैं उनके लिए काम करने में असमर्थ हूँ, और इस्तीफ़ा देते हुए पद छोड़ने की घोषणा कर दी। बात पर टिपणी करते हुए,और खुद का बचाव करते हुए  ट्रंप ने कहा कि जॉन ने  निजी वजहों के चलते पद छोड़ने का फैंसला किया है।

हालाँकि वे दो महीने बाद 9 मार्च को रिटायर होने जा रहे थे । उससे एक-डेढ़ महीने पहले ही इस्‍तीफा देना चौंकाने वाला है। जॉन 2016 से पनामा के राजदूत का पद संभल रहें है। हालाँकि ट्रंप ने राष्ट्रपति पद सँभालने के बाद कई देशों के राजदूत पदों को बदला है। इस्तीफ़ानामा के साथ साथ जॉन ने  अपने बयान में ट्रंप सरकार की नीतियों के प्रति असहमति के संकेत भी दिए हैं।

क्या रहा जॉन फिली के इस तरह खफा होकर जाने का कारण? 

हालांकि ट्रम्प ने इसे जॉन के निजी कारणों से चले जाने का मामला बताया है, वजह जरूर कोई गंभीर कारण है| कयास लगाए जा रहे हैं कि वे ट्रम्प प्रशासन की नीतियों से संतुष्ट नहीं है और उनको लेकर अपना काम और समर्थन जारी नहीं रखना चाहते| और अब शायद इस असहमति की नौबत यहाँ तक आ गयी है कि उन्होंने समय से पहले ही अलविदा कहने में भलाई समझी है|

लेकिन उनके लिखे गए पत्र में से इतना ही सामने आता है –

जॉन फीली ने अपने त्‍यागपत्र में लिखा, ‘विदेशी सेवा का एक जूनियर अधिकारी होने के नाते मैंने राष्‍ट्रपति और उनकी सरकार की सेवा करने का शपथ ली थी। फिर चाहे मैं उनके किसी खास नीति से असहमत ही क्यों  न रहूं। मुझे स्पष्ट  कर दिया गया था कि यदि मुझे लगता है कि मैं वैसा न कर सकूं तो मैं इस्तीफ़ा दे सकता हूं। अब वह समय आ गया है।’

Source: Jansatta

 

By: Sharma on Saturday, January 13th, 2018