ब्रेकिंग: महागठबंधन को तगड़ा झटका-सपा और टीआरएस ने यहाँ बीजेपी को समर्थन का किया एलान

देश में इस समय कई मुद्दों को लेकर जमकर बहस हो रही हैं. जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर, बिहार में बीजेपी और जेडीयू के गठबंधन को लेकर जैसे कई मुद्दे हैं जिस पर सबकी नजर टिकी हुई हैं इसी बीच केंद्र सरकार द्वारा चर्चा में लाये गये एक मुद्दे पर पूरा विपक्ष बिखरा हुआ दिखाई दे रहा हैं. इस मुद्दे को लेकर विपक्ष अलग अलग दिखाई दे रहा है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी हफ्ते एक बार फिर से वन नेशन वन इलेक्शन की बात की हैं जिसका कई पार्टियों ने विरोध किया और कई पार्टियों ने इसका समर्थन किया है. तृणमूल कांग्रेस, माकपा, आईयूएमएल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. तो वहीँ सपा और टीआरएस इसका समर्थन करते हुए दिखाई दिए. सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत 2019 से होनी चाहिए.सपा की तरफ जारी किये गये पत्र कहा गया है‘अगर कोई चुनी सरकार 3 वर्षों के भीतर गिर जाती है और वहां नई सरकार बनाने की कोई संभावना नहीं है, तो वहां चुनाव दो साल के लिए होने चाहिए ताकि चुनाव समय पर हो सकें.’

तो वहीँ तृणमूल कांग्रेस की तरफ से इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा गया है कि यह संविधान के खिलाफ है और क्षेत्रीय हितों पर इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. आपको बता दें कि इस मुद्दे को लेकर पूरा विपक्ष बिखरा हुआ दिखाई दे रहा हैं. ऐसे में उस महागठबंधन को लेकर क्या होगा जो इन विपक्षीय पार्टियों ने मिलकर मोदी जी के खिलाफ चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं. जब महागठबंधन बनने से पहले ही विपक्ष बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है तो आगे की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

आपको बता दें कि वन नेशन वन इलेक्शन लागू हो जाने के बाद देश में चुनाव का पैसा और वक्त दोनों बचेगा इससे आम जनता को भी कम परेशानी का सामना करना पडेगा. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा है कि हम लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव साथ कराने का दृढ़ता से समर्थन करते हैं ताकि केंद्र और राज्य स्तर पर निर्वाचित सरकार 5 साल की अवधि तक सही तरीके से काम कर सकें और देश भर में चुनाव पर फिजूल का वक्त खर्च न हो.

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By: TIV Staff on Monday, July 9th, 2018