अब हमारे सेना प्रमुख ने जो चीन से कहा है, वो बोलने की हिम्मत सिर्फ भारत ही कर सकता था!

भारत एक शक्तिशाली देश है इसमें कोई दोराय नहीं है पर साथ ही साथ बाकी देशों को कम आंकना भी गलती होगी। जहाँ एक और भारत तरक्की की सीढ़ियां चढ़ रहा है वहीं चीन जैसे देश भी पीछे नहीं है , दिन प्रतिदिन उंचाइओं की तरफ जा रहें हैं।फिर बात चाहे बॉर्डर पर तैनात सेना की हो या फिर किसी सॅटॅलाइट लांच की।

शुक्रवार को सेना के प्रमुख ने चीन को एक शक्तिशाली देश बताते हुए कहा, कि चीन एक ताकतवर देश है ,पर भारत भी कमज़ोर देश नहीं है। पारम्परिक वार्षिक सम्मलेन में पहली बार सेना जनरल रावत  ने (15 जनवरी,)सेना दिवस से   पहले भारत , भूटान व् चीन से लगे डोकलाम  पर भारत चीन गतिरोध पर  बात चीत की। यह गतिरोध  दो  महीनो से भी ज्यादा चला था।

उतरी सीमा का इलाक़ा पक्ष में बताते हुए सेना जनरल ने कहा ,हमने पश्चिमी दिशा पाकिस्तान से लगी सीमा  पर बहुत ध्यान केंद्रित किया  है। उन्होंने चीन के साथ लगी उत्तरी सीमा पर ध्यान केंद्रित करने पर ज़ोर दिया। और कहा कि अब  चीन के साथ उतरी सीमा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

‘चीन ताकतवर है लेकिन मैं उसे वैश्विक शक्ति नहीं कहूंगा’

चीन एक शक्तिशाली देश के रूप में उभरा है हालाँकि उन्होंने उससे वैश्विक शक्ति कहने से जनरल रावत ने  इन्कार कर दिया। जनरल रावत ने भारत  को साइबर युद्ध के  लिए तैयार रहने की भी  चेतावनी दी। चीन के साथ बढ़ते मुठभेड़ों को देख उन्होंने कहा की हमने सेना की संख्या बढ़ा दी है इसलिए दोनों देशों में गश्त बढ़ने के साथ उलंघन  हैं

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा की कई अवधारणाओं की वजह से उल्लंघन हो जाते हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि डोकलाम में साल 2000 से सड़क निर्माण जारी है, जो लड़ाई का प्रमुख कारण बना हुआ है।

चीन ताकतवार है पर भारत को कमज़ोर आंकना उनकी सबसे बड़ी गलती होगी।

Source: Jansatta

 




By: Sharma on Saturday, January 13th, 2018

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