सहयोगी दलों के एनडीए से टूटने के अटकलों के बीच अमित शाह ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, अब…

केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह की जोड़ी ने भारतीय राजनीति में इतिहास रच दिया है. पीएम मोदी जी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए विरोधी दल बौंखलाये हुए हैं. जिसके चलते आने वाले लोकसभा चुनाव में सभी विपक्षी पार्टियाँ महागठबंधन करके बीजेपी को रोकना चाहती हैं. लेकिन ये पार्टियाँ भूल रही हैं कि मोदी लहर आज भी बरक़रार है. देश के हर छोटे-मोटे चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है.

जानकारी के लिए बता दें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए से गठबंधन टूटने की खबरें आना तेज हो गयी हैं. जम्मू-कश्मीर में पीडीपी से गठबंधन टूटने के बाद खबरें आई कि बिहार में जेडीयू बीजेपी से अलग होकर महागठबंधन में शामिल हो सकती हैं. इन अटकलों को खारिज करते हुए खुद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि जेडीयू का बीजेपी के साथ गठबंधन अटूट है और वो आने वाले चुनाव में भी बरकरार रहेगा. जिसके बाद नीतीश कुमार का महागठबंधन में शामिल होने का सपना देख रहे राहुल गाँधी समेत कई विपक्षी नेताओं के होश उड़ गये थे.

बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों के अलग होने की खबरों के बीच अब बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है, जो कईयों को हैरान कर देगा. अमित शाह ने कहा है कि अपने सहयोगियों को सम्मान दिया जायेगा और अगले लोकसभा चुनाव के पहले राजग का विस्तार करते हुए नए दोस्तों को भी एनडीए से जोड़ा जायेगा. उन्होंने नए दोस्तों को लाने का इरादा जताया है. बता दें अमित शाह तमिलनाडु में अपना पार्टी जनाधार बढ़ाने के लिए महागठबंधन करने पर विचार कर रही है. शाह ने तमिल गौरव का आह्वान करते हुए कहा है कि बीजेपी की तरह कोई और पार्टी इसकी रक्षा के लिए सामने नहीं खड़ी है.

चेन्नई के एक बाहरी हिस्से में बीजेपी के करीब 15 हजार सदस्यों की बैठक में शाह ने कहा है कि ‘हम अपने मौजूदा सहयोगियों को सम्मान देंगे और लोकसभा चुनावों के पहले नये दोस्त लाएंगे और राष्ट्र को एक स्वच्छ सरकार देंगे.’ बता दें शक्ति केंद्र के अंतर्गत आने वाले प्रभारी के पास बूथ स्तर पर पदाधिकारियों के पार्टी संबंधी कार्य पर नजर रखने का काम होता है. वहीँ महाशक्ति केंद्र का पदाधिकारी शक्ति केंद्र के पांच पदाधिकारियों पर नजर रखता है. इस हिसाब से कयास लगाये जा रहे हैं कि अमित शाह लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में अपने नए सहयोगियों का ऐलान कर सकते हैं. उन्होंने आगे कहा है कि ‘तमिल गौरव का मुद्दा जो उठा रहे हैं वो हमारे खिलाफ दुष्प्रचार में लिप्त हैं. तमिल गौरव और तमिल भाषा की रक्षा के लिए भाजपा और उसकी तमिलनाडु इकाई की तरह कोई भी पार्टी प्रतिबद्ध नहीं है.’ इसके आगे अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी सभी राज्यों के गौरव का सम्मान करती है क्योंकि यह हमारी संस्कृति में है. हम सभी लोगों का सम्मान करते हैं. शाह के इस ऐलान के बाद कईयों के होश उड़ सकते हैं.

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By: TIV Staff on Tuesday, July 10th, 2018