600 वर्ष पुरानी मस्जिद आ रही थी बाँध के आढे, फिर जो हुआ उसे देख सब हैरान हो गए

इंस्ताबुल के तुर्की में एक 600 साल पुरानी मस्जिद बाँध के रास्ते में आ रही थी. ऐसे में उसे दूसरी जगह स्थापित करने के लिए तीन भागों में बाँट कर रोबोट्स के जरिये 2 किलोमीटर की दूसरी पर शिफ्ट किया गया. मस्जिद को बिना किसी नुकसान के दूसरी जगह पहुंचाने के लिए श्रमिकों को सैंकड़ों साल से सुरक्षित दीवारों को तोडना पड़ा ताकि वह परिवहन के लिए मस्जिद के टुकड़े प्लेटफोर्म पर आसानी से रख सकें.

कहाँ हैं ये बाँध और मस्जिद?

बता दें कि तुर्की में चौथा सबसे बड़ा बाँध बनाया जा रहा है. इस बाँध का नाम इलीसू रखा गया है. यह बाँध हसनकैफ शहर में है. यहीं बाँध के रास्ते में इयुबी मस्जिद भी आ रही थी जिसके कारण मस्जिद को किसी दुसरे स्थान पर शिफ्ट करना जरूरी हो गया था. विशेषज्ञों ने मस्जिद को बांध के डूब क्षेत्र में करार दिया था लेकिन बाद में इसे दो हिस्सों में बाँट कर अन्य झ्गों पर शिफ्ट कर दिया गया. ख़बरों के अनुसार मस्जिद का एक भाग 2500 टन का था जिसको उठाने के लिए 300 पहिये वाले दो रोबोट्स का इस्तमाल किया गया और फिर इन्हें शहर के न्यू कल्चरल पार्क फील्ड में स्थापित किया गया.

4 हज़ार साल पुराना है हसनकैफ

शहर के मेयर अब्दुलवहाप कुसेन  के अनुसार इस मस्जिद को शिफ्ट इसलिए किया गया है क्यूंकि बाँध से पानी के तेज़ बहाव के चलते मस्जिद की दीवारें कमजोर पड़ सकती थी. उन्होंने कहा कि हसनकैफ को 1981 में संरक्षित शहर का दर्जा दिया गया था. यहाँ लगभग 6 हज़ार से भी अधिक गुफाएं मौजूद हैं साथ ही बाइजेंटाइन युग का एक किला है. हसनकैफ नौ सभ्यताओं का साक्षी रहा है. इतिहासकारों के अनुसार इसे 2000 ईसा पूर्व में बनाया गया था लेकिन आज भी शहर की ख़ूबसूरती वैसे ही बरकरार है. वहीँ इयुबी मस्जिद शहर का एक अहम हिस्सा है जहाँ हर साल लाखों लोग आते हैं.

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By: Staff on Monday, December 24th, 2018