जब पुलिस आपकी FIR न लिखे, तो सिर्फ ये “दो शब्द” बोलने से हो जाएगा आपका काम! 

आपके साथ कुछ भी गलत होने पर आपका ध्यान पुलिस की तरफ जाता है| और ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसी किसी भी बुरी स्थिति में आपको सिर्फ पुलिस से मिलने वाली सहायता से ही उम्मीद रहती है| और पुलिस से सहायता लेने के लिए आपको सबसे पहलेल जो काम करना होता है, वो है FIR दर्ज करवाना|

लेकिन जब पुलिस ही आपकी FIR लिखने से इनकार कर दे, फिर क्या?

पुलिस जब FIR लिखने से इनकार कर दे, तो सिर्फ ‘दो शब्द’ झट से करवा सकते हैं आपका काम! 

आपके अक्सर देखा होगा या फिर सुना होगा कि पुलिस ने किसी व्यक्ति की प्राथमिकी लिखने से इनकार कर दिया| आम तौर पर पुलिस के इस रवैये के पीछे कॉमन से एक्स्क्युज़ होते हैं, जैसे कि दूसरे थाने में जाकर रिपोर्ट लिखवाईये, क्योंकि ये हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता|

अब ऐसे में समस्या ये रहती है कि एक तो पीड़ित अपने केस को लेकर परेशान होता है, ऊपर से पुलिस के न कहने से वो हतोत्साहित हो जाता है| लेकिन, जब आपको लगे कि आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है, तो फिर ये जानकारी आपके बेहद काम आएगी!

अब आप ‘ZERO FIR’ के दम पर पुलिस से करवा सकते हैं अपना काम! 

‘जीरो एफ़ाइआर’ – ये दो शब्द अब ऐसी स्थिति में आपकी सहायता करेंगे| इसका अर्थ ये है कि अब आप उस थाणे में जाकर भी रिपोर्ट लिखवा सकते हैं जिसके अंतर्गत आपका केस नहीं आता| ऐसी रिपोर्ट्स को ’00’ के साथ लिखा जाता है और इनमे ये पूरी तरह से पुलिस की जिम्मेदारी मानी जाती है कि FIR को सम्बंधित थाने में भिजवाया जाए|

और साथ ही साथ ये सुनिश्चित करना भी पुलिस का ही काम है कि आपकी रिपोर्ट पर जल्द से जल्द कारवाई की जाए| और यदि ऐसा नहीं होता, तो फिर आप अपने क्षेत्र के SP से शिकायत कर सकते हैं| और इस बारे में अब अदालत ने साफ शब्दों में फैसला सुनाया है कि पुलिस के द्वारा ऐसी कोताही बरतने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है!




By: Sharma on Friday, February 9th, 2018

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